दौसा में पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट की पुण्यतिथि के कार्यक्रम में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ; बोले - हम कभी दूर नहीं थे, हमारे बीच हमेशा प्रेम-मोहब्बत रहा है

11 जून 2025 को राजस्थान के दौसा में पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट की 25वीं पुण्यतिथि पर जीरोता-भंडाना स्थित स्मृति स्मारक पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में कांग्रेस के कई दिग्गज नेता शामिल हुए, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट, राजेश पायलट की पत्नी रमा पायलट, और राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर रंधावा प्रमुख थे।
कार्यक्रम में अशोक गहलोत ने कहा कि उनका और राजेश पायलट का 18 साल तक साथ रहा, और उनके आकस्मिक निधन का दुख आज भी है। गहलोत ने सचिन पायलट के साथ अपने रिश्ते पर कहा, "हम कभी दूर नहीं थे, हमारे बीच हमेशा प्रेम-मोहब्बत रहा है।" यह बयान गहलोत और सचिन पायलट के बीच लंबे समय से चली आ रही सियासी तनातनी की अटकलों को कम करने वाला माना जा रहा है।
इससे पहले, 7 जून 2025 को सचिन पायलट ने जयपुर में अशोक गहलोत के सरकारी आवास पर जाकर उन्हें इस कार्यक्रम का निमंत्रण दिया था। इस मुलाकात को राजस्थान कांग्रेस में एकता के संकेत के रूप में देखा गया। गहलोत ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह और राजेश पायलट 1980 में एक साथ लोकसभा पहुंचे थे और 18 साल तक सांसद रहे। उन्होंने राजेश पायलट के निधन को पार्टी के लिए बड़ा नुकसान बताया।
कार्यक्रम में कई कांग्रेस सांसद, विधायक, और कार्यकर्ता मौजूद थे, जिनमें मुरारी लाल मीणा, उम्मेदाराम बेनीवाल, बिजेंद्र सिंह ओला, संजना जाटव, राहुल कस्वां, कुलदीप इंदौरा, भजनलाल जाटव, ममता भूपेश, और ओपी हुडला शामिल थे। इस आयोजन को गहलोत और पायलट खेमों के बीच सियासी एकता के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, खासकर 2020 के राजनीतिक संकट के बाद।